आओ मिलकर पेड़ लगाएं

कविता---(रितिक पांडेय)

आओ मिलकर पेड़ लगाएं,
वातावरण को स्वच्छ बनाएं।

चारो ओर हरीयाली लाएं,

प्रकृति को ढलने से बचाएं।।

प्रकृति है बड़ा महान,

पेड-पौधे है इनकी शान।

इनमे भी होती है जान,

फिर भी क्यों काटे ईंसान।।

यह देते हमको मीठे फल,

बचाते है पृथ्वी से जल।

इन पर निभॆर है,

हमारा आज और कल।।

ये रहस्य प्रकृति का,

आज तु जान,

बडे फायदे इनसे तु मान।

इनमे भी होती है जान,

फिर भी क्यों काटे ईंसान।।

written by- RITIK PANDEY

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